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Nobel Hygiene

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क्या आपने कभी ज़ोर से हँसते हुए अचानक कुछ बूंदें निकलती हुई महसूस की हैं? या फिर खाँसी का अचानक दौरा पड़े और आपको तुरंत बाथरूम की ओर भागना पड़े? यह बात ज़्यादातर लोग खुलकर नहीं बताते, लेकिन सच यह है कि बहुत सी महिलाएँ और पुरुष इसे चुपचाप झेलते रहते हैं। और अगर आप भी इनमें से एक हैं, तो याद रखिए—यह आम है, समझने योग्य है और सबसे महत्वपूर्ण बात, इसका इलाज मौजूद है।

इस ब्लॉग में हम सरल भाषा में समझेंगे कि खांसते समय पेशाब आना क्यों होता है, इसके पीछे क्या कारण होते हैं, और आप इसे घर पर कैसे संभाल सकते हैं, ताकि आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बिना झिझक और तनाव के चल सके।

खांसते समय पेशाब क्यों आता है?

जब आप खाँसते हैं, हँसते हैं या अचानक छींक आती है, तो आपके पेट पर अचानक दबाव पड़ता है। यह दबाव सीधे आपके ब्लैडर तक पहुँचता है। सामान्य स्थिति में आपकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियाँ तुरंत कसकर पेशाब को रोक लेती हैं। लेकिन अगर ये मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाएँ—जैसे कि गर्भावस्था, उम्र, सर्जरी या हार्मोनल बदलाव के कारण—तो वे समय पर प्रतिक्रिया नहीं कर पातीं।

और तब होता है खांसते समय पेशाब का रिसाव

यह स्थिति तनावजनित मूत्र असंयम कहलाती है और खांसते समय पेशाब का रिसाव इसका एक सबसे आम लक्षण होता है।

अगर आपने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है, तो आपको यह भी महसूस हुआ होगा कि गर्भावस्था या डिलीवरी के दौरान मांसपेशियाँ ढीली होने के कारण भी khaste samay peshab aana काफी बढ़ जाता है। 

खांसते समय पेशाब आने के आम कारण

कुछ कारणों की वजह से यह स्थिति ज़्यादा दिखाई देती है:

  1. पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का कमज़ोर होना

यह गर्भावस्था, बढ़ती उम्र, शारीरिक निष्क्रियता या हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है।

  1. हार्मोनल परिवर्तन

पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ में एस्ट्रोजन कम होने से मांसपेशियों और ब्लैडर कंट्रोल पर असर पड़ता है।

  1. लगातार खाँसी (Chronic Cough)

धूम्रपान, एलर्जी या अस्थमा के कारण लगातार खाँसी आती है, जो रोज़ाना ब्लैडर पर दबाव डालती है।

  1. ज़्यादा वजन

पेट के आसपास जमा वज़न ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

  1. पेल्विक सर्जरी का प्रभाव

कभी-कभी सर्जरी के बाद मांसपेशियों और नसों पर असर पड़ता है, जिससे कंट्रोल कम हो जाता है।

इन सभी कारणों को समझना ज़रूरी है ताकि आप सही दिशा में कदम उठा सकें।

घर पर अपनाने योग्य उपाय और व्यायाम

  1. पेल्विक फ्लोर (Kegel) एक्सरसाइज़

ये व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और लंबे समय में सबसे असरदार साबित होते हैं।

किस तरह करें:

  • आराम से बैठें या लेटें

  • पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को ऐसे सिकोड़ें जैसे पेशाब रोक रहे हों

  • 5 सेकंड कसकर रखें

  • 5 सेकंड ढीला छोड़ें

  • 10–15 बार दोहराएँ, दिन में 3 बार

कुछ हफ्तों में ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। ये एक्सरसाइज़ समय के साथ पेशाब के रिसाव को कम करने में भी मदद करती हैं।

  1. खाँसी के ट्रिगर्स को संभालें

अगर खाँसी की वजह एलर्जी, सर्दी या धूम्रपान है, तो उसे ठीक करना भी ज़रूरी है।
गुनगुना पानी, भाप, या खाँसी की दवा अचानक होने वाली खाँसी को कम कर सकती है।

  1. ब्लैडर irritants से दूरी

कुछ पेय पदार्थ आपका ब्लैडर उत्तेजित करते हैं:

  • चाय-कॉफी

  • शराब

  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स

  • बहुत मसालेदार भोजन

इन्हें कम करें और फर्क महसूस करें।

  1. स्वस्थ वजन बनाए रखें

थोड़ा भी वजन कम करने से ब्लैडर पर दबाव कम होता है और khaste samay peshab aana काफी कम हो जाता है।

  1. सही तरीके से हाइड्रेट रहें

कम पानी पीने से भी ब्लैडर चिड़चिड़ा होता है। थोड़ा-थोड़ा करके पानी पिएँ।

  1. ब्लैडर ट्रेनिंग

हर बार पेशाब लगने का इंतज़ार मत करें। धीरे-धीरे ब्लैडर का नियंत्रण बेहतर होता है।

  1. सपोर्टिव प्रोटेक्शन

आपके शरीर को रिकवरी में समय लगता है। ऐसे में चिंता के बजाय सुरक्षा जरूरी है। Friends Premium Dry Pants और Friends Overnight Diaper Pants हल्का रिसाव रोकने, गंध नियंत्रण और दिनभर की सुरक्षा के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। जब तक सुधार आता है, ये आपके आत्मविश्वास को बनाए रखते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि 4–6 हफ्तों में सुधार न दिखे, या रिसाव बढ़ने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

वे सुझाव दे सकते हैं:

  • पेल्विक फ्लोर फ़िज़ियोथेरेपी

  • दवाएँ

  • pessary device (अंदर लगाया जाने वाला ब्लैडर सपोर्ट)

  • minimally invasive सर्जरी, अगर अन्य तरीके काम न करें

आज की medical therapies सुरक्षित हैं और stress incontinence treatment को बहुत प्रभावी बनाती हैं।

आत्मविश्वास के साथ जीना संभव है

यह सिर्फ एक शारीरिक समस्या नहीं है, यह आत्मविश्वास पर भी असर डालती है। लेकिन याद रखिए: आप अकेले नहीं हैं। आपके शरीर में जो भी बदलाव हो रहे हैं, वे किसी न किसी वजह से हो रहे हैं—और उनका समाधान मौजूद है।

Kegel एक्सरसाइज़, अच्छी आदतें, और Friends Adult Diapers जैसे प्रोटेक्टिव विकल्प आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आरामदायक और सुरक्षित बनाते हैं।

यह भी पढ़ें: बार बार पेशाब आने से तुरंत राहत कैसे पाएं

निष्कर्ष

खांसते समय पेशाब का रिसाव या हल्का ब्लैडर लीकेज कोई शर्म की बात नहीं है। यह एक सामान्य स्वास्थ्य स्थिति है जिसे सही देखभाल, सही एक्सरसाइज़ और सही प्रोटेक्शन से संभाला जा सकता है।

और जब भी आपको अतिरिक्त सुरक्षा की ज़रूरत पड़े, Friends Diaper हमेशा आपके साथ है—आपकी सुविधा, शांति और आत्मविश्वास के लिए।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. खांसने या हँसने पर पेशाब क्यों निकल जाता है?

क्योंकि उस समय पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है। अगर आपकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियाँ कमजोर हों, तो वे समय पर पेशाब रोक नहीं पातीं और रिसाव हो जाता है।

2. क्या वजन कम करने से मदद मिलती है?

हाँ। थोड़ा भी वजन कम करने से ब्लैडर पर दबाव कम होता है और नियंत्रण बेहतर होता है।

3. Pessary क्या है और कैसे मदद करता है?

यह एक छोटा, नरम उपकरण होता है जिसे योनि में रखा जाता है। यह ब्लैडर को सहारा देता है और रिसाव कम करता है। डॉक्टर इसे stress incontinence treatment का हिस्सा मानते हैं।

4. क्या रोज़ाना adult diaper पहनना ठीक है?

यदि लीकेज आपके दिन को प्रभावित कर रहा है, तो Friends Diapers जैसे सुरक्षित और आरामदायक विकल्प बिल्कुल सही हैं। ये आपको आत्मविश्वास देते हैं जब तक आप लंबे समय के समाधान पर काम करते हैं।

5. क्या सर्जरी सुरक्षित है?

हाँ। जब एक्सरसाइज़ और जीवनशैली में बदलाव काफी न हों, तो सर्जरी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकती है। आपका डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सही विकल्प बताएगा।

Title: खांसते समय पेशाब आने के कारण
(khaste samay peshab aana)

  1. पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का कमजोर होना
    गर्भावस्था, उम्र बढ़ने, या व्यायाम की कमी से कंट्रोल कम हो जाता है।

  2. हार्मोनल बदलाव
    मेनोपॉज़ में एस्ट्रोजन कम होने से ब्लैडर और मांसपेशियाँ ढीली पड़ सकती हैं।

  3. लगातार खाँसी (Chronic Cough)
    एलर्जी, धूम्रपान या अस्थमा के कारण बार-बार खाँसने से ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

  4. गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद बदलाव
    गर्भावस्था में मांसपेशियाँ ढीली होती हैं, जिससे खांसते समय पेशाब का रिसाव बढ़ सकता है।

  5. ज़्यादा वजन
    पेट के आसपास जमा वज़न ब्लैडर पर लगातार दबाव बनाता है।

पेल्विक सर्जरी का प्रभाव
कुछ सर्जरी मांसपेशियों और नसों को प्रभावित करती हैं, जिससे नियंत्रण कम हो जाता है।

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