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Nobel Hygiene

पेशाब में जलन होना, बार-बार बाथरूम जाना, पेशाब में बदबू आना - शर्मिंदगी और हताशा की भावना - यूरिन इन्फेक्शन कुछ ऐसा ही मनोबल गिराने वाला अनुभव हो सकता है। कई लोगों को यूरिन इन्फेक्शन बार बार होता है। क्या आप परेशानी के इस चक्र से मुक्त हो सकते हैं? 

सरल लेकिन प्रभावी आहार परिवर्तन करके, आप यूटीआई के दर्द और परेशानी को कम कर सकते हैं, यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम को कम कर सकते हैं और अपना आत्मविश्वास वापस पा सकते हैं। इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि बार बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है, यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए, और क्या है यूरिन इन्फेक्शन का स्थायी समाधान। 

बार बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है?

यूरिन इन्फेक्शन यानि यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्र पथ में प्रवेश करते हैं, जिससे संक्रमण होता है। इसे मूत्र पथ का संक्रमण भी कहते हैं। प्रमुख हानिकारक बैक्टीरिया में एस्चेरिचिया कोली (ई. कोली), स्टैफिलोकोकस सैप्रोफाइटिकस और क्लेबसिएला निमोनिया शामिल हैं। 

बार-बार होने वाले यूरिन इन्फेक्शन विभिन्न कारकों से शुरू हो सकते हैं, जैसे:

  • लंबे समय तक पेशाब रोकना
  • पेशाब के बाद जननांग को अच्छे से साफ नहीं करना
  • कुछ जन्म नियंत्रण विधियों का उपयोग करना
  • यूटीआई का पारिवारिक इतिहास होना
  • कमजोर प्रतिरक्षण प्रणाली
  • खान-पान संबंधी अनियमितताएं

जिन लोगों को बार बार यूरिन इन्फेक्शन होता है, उनमें मूत्र असंयम के साथ अंतर्निहित समस्याएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, बुजुर्गों में शारीरिक शिथिलता के कारण मूत्राशय खाली करने में समय लग सकता है और यूरिन इन्फेक्शन बार-बार होने का खतरा रहता है। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए Friends ऐडल्ट डायपर्स काफी कारगर है। ये अलग-अलग वेरिएन्ट्स में मौजूद हैं और 16+ घंटों तक ड्राई रखने में सक्षम हैं। 

यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए? (urine infection me kya nahi khana chahiye)

अक्सर यूरिन इन्फेक्शन की शुरुआती लक्षणों में पेशाब में जलन की समस्या आम तौर पर देखती है। इस समस्या का शुरू में ही समाधान आगे आने वाली परेशानियों को कम कर सकता है। इसलिए यह जानने के साथ कि यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए, यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि पेशाब में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए। 

तो चाहे पेशाब में जलन हो या यूरिन इन्फेक्शन, उन खाद्य पदार्थों से बचना आवश्यक है जो मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं, लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, या उपचार प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। 

आइए अब जानते हैं कि यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए और क्यों। तो इन कुछ आहारों से परहेज करना चाहिए:

  1. मसालेदार और तले हुए भोजन: मिर्च-मसालेदार और तले हुए भोजन से बचें, जो मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं। 
  2. कैफीन: कॉफी, चाय और चॉकलेट को सीमित करें या उनसे बचें, क्योंकि वे मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं और मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं।
  3. अम्लीय खाद्य पदार्थ: खट्टे फल, टमाटर और सिरका आधारित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं, जो मूत्र को अम्लीकृत कर सकते हैं और लक्षणों को खराब कर सकते हैं।
  4. प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ: प्रोसेस्ड फूड्स, हाई शुगर पैकेज्ड ब्रेकफास्ट, अधिक नमक वाले और प्रीज़र्वटिव वाले खाद्य पदार्थों से बचें। 
  5. कृत्रिम मिठास: कुछ कृत्रिम मिठास वाले प्रोडक्ट भी मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं और इन्फेक्शन को और अधिक बढ़ा सकते हैं। 

यूरिन में प्रोटीन आने पर क्या खाना चाहिए?

कई लोगों को यूरिन में प्रोटीन आने की समस्या होती है। यहाँ भी उचित खान-पान उनकी सहायता कर सकता है। मूत्र में प्रोटीन जिसे प्रोटीनुरिया भी कहा जाता है, इसका अनुभव होने पर, संतुलित आहार का चयन करना आवश्यक है। यूरिन में प्रोटीन आने पर इन्हें खाना चाहिए:

  • लीन प्रोटीन स्रोत: कम वसा वाले डेयरी, पोल्ट्री और मछली चुनें, जो प्रोटीनुरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थ: वसायुक्त मछली, अलसी के बीज और अखरोट सूजन को कम करने और किडनी की कार्यप्रणाली में सहायता कर सकते हैं।
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ: प्रोटीनुरिया को कम करने और पाचन स्वास्थ्य में सहायता के लिए फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएँ। 

निष्कर्ष

आपने जाना कि बार बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है, यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए (urine infection me kya nahi khana chahiye), पेशाब में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए, और यूरिन में प्रोटीन आने पर क्या खाना चाहिए। ये सभी समस्याएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए जब आप इनके समाधान की तरफ बढ़ते हैं तो अपने आप समस्याएं सुलझने लगती हैं। यानि कि आहार में सकारात्मक बदलाव अधिकांश यूरिन समस्याओं को कम करने में सहायक हैं। 

शुरुआत से ही बेहतर खान-पान रखने से यूरिन इन्फेक्शन का जोखिम काफी कम हो जाता है। यूरिन इन्फेक्शन को रोकने और रिसाव आदि समस्याओं से निपटने के लिए Friends ऐडल्ट डायपर्स अपनाएं। इसके अलावा, कोई भी दिक्कत महसूस होने पर डॉक्टर से जरूर परामर्श लें। 

FAQs

क्या यूरिन इन्फेक्शन के लिए गुड़ अच्छा है?

गुड़ मूत्र उत्पादन को बढ़ाकर और बैक्टीरिया के विकास के जोखिम को कम करके यूरिन इन्फेक्शन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। हालाँकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें। 

यूरिन इन्फेक्शन में कौन सा फल अच्छा है?

यूरिन इन्फेक्शन की रोकथाम और उपचार के लिए अक्सर क्रैनबेरी यानि करौंदा के फल का जूस पीने की सलाह दी जाती है। करौंदा में ऐसे यौगिक होते हैं जो बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों पर चिपकने से रोकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। 

कौन सा भोजन मूत्राशय को परेशान करता है?

मूत्राशय में जलन पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों में मसालेदार भोजन, खट्टे फल, कैफीन और कृत्रिम मिठास शामिल हैं। ये खाद्य पदार्थ यूटीआई के लक्षणों को खराब कर सकते हैं, मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं और उपचार प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।

यूरिन इन्फेक्शन में दही खा सकते हैं क्या?

दही यूरिन इन्फेक्शन के दौरान फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंत के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। हालाँकि, यूरिन इन्फेक्शन के दौरान सादी, बिना स्वाद वाली और बिना मिठास वाली दही चुनें।