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Vinit Faria

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कभी ऐसा हुआ है कि पेशाब करने के बाद भी कुछ बूंदें निकल जाती हैं? आपने शायद सोचा हो,  “शायद उम्र का असर है” या “कोई बड़ी बात नहीं।” लेकिन अंदर कहीं एक झिझक, एक शर्म छिपी रहती है।

सच्चाई यह है कि पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब आना बहुत आम है, और इसमें शर्म की कोई बात नहीं है। यह शरीर का एक संकेत है कि कुछ बदल रहा है, और आपको बस थोड़ा ध्यान देने की ज़रूरत है।

हम समझते हैं कि यह समस्या सिर्फ शारीरिक नहीं होती। इसके साथ असहजता, डर और आत्मविश्वास में कमी भी महसूस होती है। लेकिन आप अकेले नहीं हैं, और सही देखभाल के साथ यह स्थिति बेहतर हो सकती है।

पोस्ट-वॉयड ड्रिबलिंग क्या है?

पोस्ट-वॉयड ड्रिबलिंग (Post-Void Dribbling or PVD) का मतलब है पेशाब करने के बाद कुछ बूंदों का अनजाने में टपकना, जिसे आम भाषा में पेशाब टपकना भी कहा जाता है। यह स्थिति urinary incontinence से अलग होती है। इनकॉन्टिनेंस में व्यक्ति को बिना इच्छा के किसी भी समय पेशाब हो सकता है, जबकि PVD में पेशाब करने के तुरंत बाद थोड़ी मात्रा में मूत्र बाहर आता है। 

यह समस्या अक्सर तब होती है जब मूत्रमार्ग (urethra) पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता। यह स्थिति पुरुषों में, खासकर 40 वर्ष की उम्र के बाद, अधिक सामान्य होती है। लगातार लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित होता है।

इस समस्या के सामान्य लक्षण

पोस्ट-वॉयड ड्रिबलिंग में पेशाब करने के बाद अनजाने में थोड़ी मात्रा में यूरिन लीकेज हो सकता है, जिससे असुविधा महसूस होती है। इसके अलावा बाकी लक्षण हैं: 

  • मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने जैसा एहसास

  • अंतर्वस्त्र या कपड़ों में हल्के गीले धब्बे दिखाई देना

  • बार-बार पेशाब पूरा होने की जाँच करने की आदत

  • शौचालय के बाद भी असुविधा या गीलापन महसूस होना

  • सामाजिक स्थितियों में झिझक या चिंता महसूस होना

  • शौचालय में अधिक समय बिताने की प्रवृत्ति

  • दैनिक गतिविधियों और आत्मविश्वास पर असर पड़ना

मुख्य कारण

Infographic Suggestion

मुख्य कारण

कारण

आम लक्षण

संभावित उपाय

पेल्विक फ्लोर की कमजोरी

पेशाब के बाद बूंद टपकना, अधूरा खालीपन

Kegel exercises

प्रोस्टेट वृद्धि (पुरुषों में)

धीमी धार, रुक-रुक कर पेशाब

डॉक्टर की जांच

यूरेथ्रल डाइवर्टिकुलम (महिलाओं में)

बाद में पेशाब टपकना, बार-बार संक्रमण

चिकित्सा मूल्यांकन

मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI)

जलन, बार-बार पेशाब, असहजता

एंटीबायोटिक उपचार

नसों की कमजोरी

मूत्र नियंत्रण में कमी, अधूरा खालीपन

मूल बीमारी का प्रबंधन


पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब आना कई कारणों से हो सकता है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, लेकिन कुछ सामान्य वजह हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है।

1. पेल्विक फ्लोर की कमजोरी

उम्र बढ़ने, बार-बार पेशाब रोकने या सर्जरी के बाद पेल्विक मांसपेशियां ढीली पड़ सकती हैं। यही मांसपेशियां मूत्राशय को नियंत्रित करती हैं। जब ये कमजोर होती हैं, तो पेशाब पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता और बाद में कुछ बूंदें टपकती हैं।

2. प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (पुरुषों में)

अगर आप पुरुष हैं और ruk ruk kar peshab aana in male जैसी समस्या भी महसूस कर रहे हैं, तो यह प्रोस्टेट बढ़ने का संकेत हो सकता है। इससे मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं होता, और पेशाब करने के बाद भी थोड़ी मात्रा में पेशाब रह जाता है। यह अतिरिक्त पेशाब पुरुषों में पेशाब टपकना का कारण बन सकता है, खासकर दिन भर में या रात को।

3. यूरेथ्रल डाइवर्टिकुलम (Urethral Diverticulum) 

महिलाओं में कभी-कभी मूत्रमार्ग (urethra) के पास एक छोटी थैली बन जाती है, जिसे यूरेथ्रल डाइवर्टिकुलम कहा जाता है। इसमें पेशाब जमा हो जाता है और बाद में धीरे-धीरे टपकने लगता है। यह स्थिति संक्रमण का कारण भी बन सकती है। हालांकि यह एक दुर्लभ समस्या है, लेकिन जब होती है तो अधिकतर 40–70 वर्ष की महिलाओं में पाई जाती है।

4. संक्रमण या सूजन

कभी-कभी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) या ब्लैडर इंफेक्शन भी ऐसी परेशानी का कारण बन सकता है। इससे पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब लगना या पेशाब करने के बाद कमजोरी आना जैसी थकान भी महसूस होती है।

5. नसों की कमजोरी

डायबिटीज, पार्किंसन जैसी बीमारियां या स्पाइनल इंजरी भी मूत्राशय की नसों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे मूत्र नियंत्रण मुश्किल हो जाता है।

6. दवाओं के साइड इफेक्ट

कुछ दवाइयाँ जैसे ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन की मेडिसिन भी मूत्राशय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं।

घरेलू उपाय और देखभाल

अच्छी बात यह है कि इस स्थिति में छोटे-छोटे बदलाव बहुत राहत दे सकते हैं।

1. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ (Kegel Exercises)

हर दिन कुछ मिनट के लिए इन एक्सरसाइज़ से पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं। धीरे-धीरे आप महसूस करेंगे कि पेशाब रोकने की क्षमता बेहतर हो रही है और पेशाब करने के बाद भी पेशाब आना कैसे बंद करें, इसका जवाब यही बन सकता है।

2. पेशाब रोकने की आदत छोड़ें

बहुत देर तक पेशाब रोकना मूत्राशय पर दबाव डालता है। कोशिश करें कि हर 3–4 घंटे में टॉयलेट जाएं, चाहे ज़रूरत लगे या नहीं।

3. कैफीन और अल्कोहल से दूरी

चाय, कॉफी और शराब मूत्राशय को उत्तेजित करती हैं। इनका सेवन कम करने से पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब आना की समस्या में सुधार देखा जा सकता है।

4. पानी का सही संतुलन रखें

कई लोग सोचते हैं कि पानी कम पीने से समस्या कम होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। पानी कम पीने से यूरिन गाढ़ा होता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। बस इतना ध्यान रखें कि एक बार में बहुत ज़्यादा न पीएं,  दिनभर में बराबर मात्रा में लें।

5. पेशाब करने के बाद थोड़ा इंतज़ार करें

कभी-कभी ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं होता। पेशाब करने के बाद कुछ सेकंड रुकें, हल्का झुकें या ब्लैडर को हल्के से दबाएं, इससे बची हुई बूंदें भी निकल जाएंगी।

6. सही प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें

अगर बूंद-बूंद टपकने से कपड़े गीले हो जाते हैं या असहजता होती है, तो Friends Adult Diapers या लाइट इनकॉन्टिनेंस पैड्स बहुत मददगार हो सकते हैं। वे आपको आत्मविश्वास देते हैं और आपकी  दिनभर की गतिविधियों में कोई रुकावट नहीं आने देते।

दिनभर की सुरक्षा और सूखापन के लिए आप Friends Premium Adult Dry Pants चुन सकते हैं,  ये हल्की, आरामदायक और बाहर जाने पर भी आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करती हैं। और रात में, लंबी नींद और पूरी सुरक्षा के लिए Friends Overnight Diaper Pants का इस्तेमाल करें, ताकि नींद बीच में रुकने की चिंता न रहे।

डॉक्टर से मिलने पर क्या उपचार मिल सकता है?

डॉक्टर द्वारा दिया जाने वाला उपचार समस्या के कारण पर निर्भर करता है। उपचार आमतौर पर मूत्र नियंत्रण समस्या में सुधार लाने पर केंद्रित होता है:

दवाइयाँ: प्रोस्टेट बढ़ने पर alpha-blockers और कुछ अन्य यूरिनरी दवाएँ दी जाती हैं

Pelvic Floor Muscle Training (PFMT): फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से पेल्विक मसल्स को मजबूत कर मूत्र प्रवाह पर नियंत्रण बढ़ाया जाता है

Electrical Stimulation Therapy: Nerve और bladder coordination सुधारने के लिए

Surgery: गंभीर मामलों में ब्लॉकेज हटाने या urethral/sling procedures की आवश्यकता हो सकती है

यह भी पढ़ें:

Adult Diaper Guide

यूरिन लीकेज 

प्रोस्टेट के लिए एक्सरसाइज

बार-बार पेशाब आने के कारण

कब डॉक्टर से संपर्क करें

अगर मूत्र नियंत्रण समस्या के साथ पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद पेशाब आना बार-बार हो रहा है या आपकी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। यह कभी-कभी किसी छिपी हुई मेडिकल कंडीशन  का संकेत हो सकता है, जिसकी जांच और उपचार आवश्यक होता है।

निम्न स्थितियों में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें:

  • पेशाब में खून दिखाई दे

  • तेज़ बुखार के साथ पेशाब टपकने की समस्या हो

  • कई दिनों से पेशाब में जलन बनी हुई हो और सुधार न हो

  • अचानक पेशाब पर नियंत्रण पूरी तरह खो जाए

  • पेशाब करते समय दर्द या गंभीर असुविधा महसूस हो

विशेषज्ञ आपकी जांच करके बता सकते हैं कि पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब आना किसी दवा, इंफेक्शन या मांसपेशियों की कमजोरी से जुड़ा है या नहीं। जितनी जल्दी कारण पता चलेगा, उतनी जल्दी इलाज शुरू हो सकता है।

निष्कर्ष

आपका शरीर बदल रहा है, और उसमें कोई शर्म की बात नहीं। पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब आना जैसी परेशानी का मतलब यह नहीं कि आप कमजोर हैं, बस यह संकेत है कि शरीर को थोड़ा ध्यान, सही व्यायाम और देखभाल की ज़रूरत है।

अगर यह स्थिति आपके आत्मविश्वास को प्रभावित कर रही है, जैसे कि बहार जाने या ऑफिस जाने में या रात में आरामदायक सुरक्षा की ज़रूरत है, तो अतिरिक्त सुरक्षा देने वाले इनकॉन्टिनेंस प्रोडक्ट्स जैसे Friends Diapers मददगार हो सकते हैं। सही प्रबंधन से इस परेशानी को काफी हद तक संभाला जा सकता है।

क्योंकि आराम सिर्फ शरीर का नहीं, मन का भी ज़रूरी है, और Friends के साथ, दोनों का ध्यान रखा जाता है। 

प्रायः पूछे जाने वाले सवाल

1. पेशाब करने के बाद पेशाब में बूंद-बूंद क्यों आती हैं?

यह आमतौर पर पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की कमजोरी, प्रोस्टेट बढ़ने, या मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने की वजह से होता है।

2. पेशाब करने के बाद पेशाब की बूंदों को कैसे रोकें?

Kegel एक्सरसाइज़ करें, पेशाब रोकने की आदत छोड़ें और पर्याप्त पानी पिएं। अगर स्थिति बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

3. पेशाब करने के बाद फिर पेशाब आने का क्या कारण है?

यह तब होता है जब मूत्राशय में थोड़ी मात्रा में यूरिन बच जाती है। पेशाब करने के बाद भी पेशाब आना कैसे बंद करें, इसके लिए पेशाब करते समय थोड़ा झुकें या दो बार पेशाब करने की आदत डालें।

4. पेशाब टपकने का इलाज कैसे करें?

इलाज कारण पर निर्भर करता है। फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज़ या कुछ मामलों में दवाइयाँ मददगार होती हैं।

5. यूरिन लीकेज को कैसे ठीक करें?

शुरुआत में घरेलू उपाय करें, लेकिन अगर सुधार नहीं दिखे, तो यूरोलॉजिस्ट या फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करें।

6. क्या पेशाब के बाद बूंदें आना सामान्य है?

हाँ, कभी-कभी हल्की बूंदें आना सामान्य हो है। लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है, तो यह पेल्विक फ्लोर कमजोरी या मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का संकेत हो सकता है।

7. क्या डायबिटीज से यूरिन लीकेज हो सकता है?

हाँ, डायबिटीज में नसों की कमजोरी (न्यूरोपैथी) और अधिक पेशाब बनने के कारण यूरिन लीकेज हो सकता है।

8. क्या महिलाओं में भी पेशाब टपकने की समस्या होती है?

हाँ, महिलाओं में भी यह समस्या आम है, खासकर गर्भावस्था, डिलीवरी या पेल्विक फ्लोर कमजोरी के बाद।

9. क्या Kegel exercise से फायदा होता है?

हाँ, Kegel एक्सरसाइज़ पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करती है और यूरिन कंट्रोल बेहतर करने में मदद करती है।

10. क्या उम्र बढ़ने से यह समस्या बढ़ती है?

हाँ, उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियाँ कमजोर हो सकती हैं, जिससे पेशाब पर नियंत्रण कम हो जाता है और यह समस्या बढ़ सकती है।

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