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Team Nobel Hygiene

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एम्स ने हाल ही में भारत में फैटी लीवर रोग पर प्रकाशित रिपोर्टों का विश्लेषण किया था। इसमें कहा गया है कि एक तिहाई से अधिक भारतीयों को फैटी लीवर या गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग है। 2022 में एक प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि यह घटना केवल वयस्कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लगभग 35% बच्चों को भी प्रभावित करती है।

फैटी लीवर को अक्सर पहचाना नहीं जा पाता क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते। हालाँकि, यह समय के साथ बढ़ सकता है और गंभीर यकृत रोग (liver disease) वाले कुछ रोगियों में आक्रामक रूप से उपस्थित हो सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि फैटी लीवर क्या है, फैटी लीवर में क्या खाना चाहिए, किन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए और एक संतुलित इंडियन फैटी लीवर डाइट चार्ट कैसा होना चाहिए।

फैटी लिवर क्या है? (What is Fatty Liver in Hindi?)

आइए जानते हैं फैटी लीवर क्या है? शरीर यकृत सहित कई क्षेत्रों में ऊर्जा और इन्सुलेशन के लिए वसा(fat) संग्रहित करता है। फैटी लीवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लीवर की कोशिकाओं में वसा(fat) जमा हो जाती है। यह अतिरिक्त वसा जमा होने से लीवर की कार्यप्रणाली ख़राब हो सकती है और यदि उपचार न किया जाए तो सूजन, घाव और संभावित रूप से अधिक गंभीर लीवर क्षति हो सकती है।

'फैटी लीवर' या 'स्टीटोहेपेटाइटिस' का कारण हमारे आहार का हालिया पश्चिमीकरण है जिसमें फास्ट फूड का बढ़ता सेवन, हमारे आहार में स्वस्थ फलों और सब्जियों की कमी और एक अस्वास्थ्यकर जीवन शैली शामिल है। फैटी लीवर को एक प्रतिवर्ती(reversible) स्थिति माना जाता है, खासकर इसके शुरुआती चरण में। जीवनशैली में बदलाव और शराब बंद करने से लीवर के स्वास्थ्य में सुधार और रोग की प्रगति को रोकने में मदद मिल सकती है। फैटी लीवर के बारे में अधिक जानने के लिए इसे पढ़ें

फैटी लिवर के प्रकार

फैटी लिवर मुख्य रूप से दो तरह का होता है और दोनों की वजहें अलग-अलग होती हैं।

1. अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD)

यह ज़्यादा शराब पीने की वजह से होता है। शराब लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और उनमें चर्बी जमा करने लगती है। National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के मुताबिक जब लिवर में चर्बी जमने की वजह ज़्यादा शराब का सेवन हो, तो उस स्थिति को अल्कोहल-एसोसिएटेड लिवर डिजीज कहा जाता है।

2. नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD)

इसमें लिवर में चर्बी जमने की वजह शराब नहीं होती, बल्कि मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, खराब खान-पान और सुस्त जीवनशैली होती है। साल 2023 में विशेषज्ञों ने इसका नाम बदलकर मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कर दिया, इसलिए रिपोर्ट या डॉक्टर की पर्ची पर आपको दोनों में से कोई भी नाम दिख सकता है।

NAFLD भी दो हिस्सों में बंटा होता है।

  • पहला NAFL (अब MASL), जिसमें लिवर में चर्बी तो होती है पर सूजन या नुकसान न के बराबर होता है।
  • दूसरा NASH (अब MASH), जिसमें चर्बी के साथ सूजन और लिवर को नुकसान दोनों होते हैं।

ज़्यादातर लोगों में हल्का रूप यानी NAFL ही मिलता है, NASH बहुत कम लोगों में होता है। ध्यान रहे, अगर किसी को NAFLD का खतरा भी हो और वह ज़्यादा शराब भी पीता हो, तो दोनों स्थितियां एक साथ हो सकती हैं।

फैटी लिवर के ग्रेड

फैटी लिवर को लिवर कोशिकाओं (हेपेटोसाइट्स) में जमा वसा (फैट) की मात्रा के आधार पर अलग-अलग ग्रेड में बाँटा जाता है। यह वर्गीकरण बीमारी की गंभीरता को समझने और उचित उपचार की योजना बनाने में मदद करता है।

ग्रेड लिवर में फैट की मात्रा क्या मतलब है?
ग्रेड 0 (सामान्य) लगभग 5% तक लिवर में सामान्य या नगण्य मात्रा में फैट होता है। इसे फैटी लिवर नहीं माना जाता।
ग्रेड 1 (हल्का) 5–33% लिवर में हल्की मात्रा में फैट जमा होता है। शुरुआती चरण होने के कारण संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे नियंत्रित या कम किया जा सकता है।
ग्रेड 2 (मध्यम) 34–66% इस चरण में लिवर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए जीवनशैली में बदलाव के साथ नियमित चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक होती है।
ग्रेड 3 (गंभीर) 66% से अधिक लिवर में अत्यधिक फैट जमा होता है। इस स्थिति में जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार उचित चिकित्सा प्रबंधन और नियमित फॉलो-अप आवश्यक होता है।

फैटी लिवर के लक्षण

फैटी लिवर की समस्या अक्सर शुरुआती अवस्था में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होती है, इसलिए कई लोगों को इसका पता देर से चलता है। जैसे-जैसे लिवर में चर्बी जमा होती है, कुछ सामान्य संकेत दिखाई देने लगते हैं। इनमें लगातार थकान महसूस होना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन या हल्का दर्द, भूख कम लगना और वजन बढ़ना शामिल है। कुछ लोगों को अपच, गैस या मतली की समस्या भी हो सकती है। गंभीर मामलों में त्वचा या आंखों में पीलापन और पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिख सकते हैं, जो लिवर पर बढ़ते दबाव का संकेत होते हैं।

आहार और फैटी लिवर

ये जानना जरूरी है कि फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या खाना चाहिए। आहार फैटी लीवर रोग के विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन कुछ खास बातों का ध्यान रखें:

  • संतृप्त वसा(Saturated fat), ट्रांस वसा और कोलेस्ट्रॉल से भरपूर आहार का सेवन यकृत(liver) में वसा के संचय में योगदान कर सकता है।
  • अतिरिक्त शर्करा, विशेष रूप से फ्रुक्टोज से भरपूर आहार फैटी लीवर रोग को बढ़ावा दे सकता है।
  • फास्ट फूड, फ्रोजन भोजन और सुविधाजनक स्नैक्स सहित प्रसंस्कृत(processed) और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में अक्सर उच्च मात्रा में अस्वास्थ्यकर वसा, शर्करा और एडिटिव्स होते हैं। इन खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से फैटी लीवर रोग हो सकता है।
  • कम फाइबर वाले आहार से फैटी लीवर रोग का खतरा बढ़ सकता है।
  • संपूर्ण, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार अपनाने से फैटी लीवर रोग को रोकने और प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।

फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए (Fatty Liver Main Kya Khana Chahiye)

  • कॉफी
  • लहसुन
  • हल्दी
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड
  • साबुत अनाज
  • साबुत हरी सब्जियाँ
  • जैकफ्रूट आटा (Jackfruit Flour)

दिलचस्प बात: जैकफ्रूट आटा फैटी लिवर के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने और लिवर में फैट कम करने में मदद करता है। इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और एंटीऑक्सीडेंट गुण लिवर की सूजन कम करके उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं।

और पढ़े: लिवर में पथरी के लक्षण

फैटी लिवर में सुबह क्या खाना चाहिए?

फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए, फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए ये लोगों के लिए जानना बहुत ज़रूरी है। खास कर जब आपको सुबह के भोजन के विषय में खास ध्यान देने की ज़रूरत होती है क्योंकि ये दिन का पहला भोजन होता है।

फैटी लिवर में सुबह का आहार हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। फैटी लिवर में सुबह क्या खाना चाहिए? आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं :

  • ओट्स: फाइबर से भरपूर ओट्स फैटी लिवर में लिवर की सफाई में मदद करता है।
  • फल: पपीता, सेब, और बेरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं और लिवर को डिटॉक्स करने में सहायक हैं।
  • ड्राई फ्रूट्स: बादाम और अखरोट जैसे नट्स हेल्दी फैट्स प्रदान करते हैं।
  • ग्रीन टी: ग्रीन टी एक अच्छा ऑप्शन है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर की सूजन को कम करने में मददगार होते हैं।
  • जैकफ्रूट आटा (Jackfruit Flour): जैकफ्रूट आटा फैटी लिवर के लिए फायदेमंद होता है |

फैटी लिवर में रात में क्या खाना चाहिए?

अगर आप फैटी लीवर के मरीज़ हैं और ये सोच रहे हैं की फैटी लीवर में रात में क्या खाना चाहिए या फिर फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए तो आपको बता दें रात को हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए, तो आइए जानते हैं फैटी लिवर में रात में क्या खाना चाहिए:

  • वेजीटेबल सूप: मिक्स वेजीटेबल जैसे गाजर, मशरूम, बीट रूट आदि का सूप आपके लिए हल्का और सुपाच्य होगा जिससे आपको आराम मिलेगा।
  • प्लेन चपाती: फैटीलिवर में क्या रोटी खानी चाहिए? अगर आप रोटी खाना चाहते हैं तो आप गेंहू के बजाय ज्वार, बाजरा या फिर मल्टी ग्रेन आटे की रोटी का सेवन कर सकते हैं।
  • स्टीम्ड फिश: मछली ओमेगा 3 का अच्छा स्रोत होता है। इसे स्टीम करके खाने से आपको फैटी लीवर में बहुत फायदा मिलेगा।
  • राइस: सीमित मात्रा में ब्राउन राइस खा सकते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक होता है। व्हाइट राइस खाने से बचें, इससे गैस की समस्या हो सकती है।

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए (Fatty Liver Main Kya Nahi Khana Chahiye)

  • चीनी और अतिरिक्त चीनी
  • लाल मांस
  • शराब
  • सफ़ेद ब्रेड, चावल, और पास्ता
  • परिष्कृत अनाज
  • वसायुक्त, तला हुआ या नमकीन भोजन

Note: कई लोग पूछते हैं कि क्या फैटी लिवर में आलू खाना चाहिए? शोधकर्ताओं के अनुसार, फैटी लीवर को कम करने के लिए हर भोजन में मुट्ठी भर मात्रा में 'स्वस्थ' कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो कि आलू में पाया जाता है। इसलिए आपको रिफाइंड अनाज की जगह नियंत्रित मात्रा में फैटी लीवर में आलू खाना चाहिए।

और पढ़े: फैटी लिवर - लक्षण, कारण, और इलाज़

फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या न खाएं: एक नज़र में

फैटी लिवर में क्या खाएं और किन चीज़ों से परहेज़ करें, दोनों की पूरी लिस्ट एक ही टेबल में, ताकि ज़रूरत पड़ने पर एक नज़र में देख सकें।

क्या खाएं क्या न खाएं
हरी सब्जियां, ओट्स तला हुआ खाना, मैदा
फल (सेब, पपीता, बेरीज) मीठे पेय, शराब
दाल, साबुत अनाज लाल मांस, प्रोसेस्ड फूड
ग्रीन टी, नींबू पानी कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस
मछली (ओमेगा-3) फुल-फैट डेयरी, मक्खन
लहसुन, हल्दी ज़्यादा नमक वाला और नमकीन खाना
ब्राउन राइस, ज्वार-बाजरा की रोटी सफेद चावल, सफेद ब्रेड, पास्ता
बादाम, अखरोट, बिना चीनी वाली कॉफी रिफाइंड अनाज, हाई-शुगर पैकेज्ड फूड

याद रखें, डेयरी पूरी तरह बंद करने की ज़रूरत नहीं है। सिर्फ फुल-फैट दूध, क्रीम और मक्खन की जगह कम वसा वाले विकल्प चुनें।

फैटी लिवर डाइट चार्ट (इंडियन) का नमूना

यह भारत में व्यक्तियों के लिए तैयार फैटी लीवर फैटी लिवर डाइट चार्ट इन हिंदी का एक नमूना है:

समय भोजन आइटम
6:00-6:30 सुबह प्रातःकाल पेय 1 गिलास गरम पानी में नींबू के रस के साथ
7:30-8:30 सुबह नाश्ता 1 कटोरी दलिया जिसमें स्किम्ड दूध और मिश्रित मेवे हों, 1 मध्यम आकार का सेब या पपीता
10:00-10:30 सुबह मध्य-सुबह का नाश्ता 1 कप हरा चाय या जड़ी बूटी वाली चाय, 2 मल्टीग्रेन डाइजेस्टिव बिस्कुट या भुने हुए चने का एक छोटा हिस्सा
12:30-1:30 दोपहर दोपहर का भोजन साबुत गेहूं के आटे से बनी 1-2 चपातियाँ, 1 कटोरी दाल या अंकुरित करी , 1 छोटा कटोरा ब्राउन चावल या क्विनोआ पुलाव, जैतून के तेल की ड्रेसिंग के साथ मिश्रित सब्जी सलाद की 1 सर्विंग
4:00-4:30 अपराह्न दोपहर का नाश्ता 1 कप छाछ या दही, 1 छोटा भाग फल
6:30-7:00 शाम शाम का नाश्ता 1 कप हरा चाय या जड़ी बूटी वाली चाय, खीरे और टमाटर के साथ 1 छोटी कटोरी उबले चने या मूंग दाल की चाट
8:00-8:30 रात रात्रिभोज साबुत गेहूं के आटे से बनी 1-2 चपातियाँ या 1 छोटी कटोरी ब्राउन चावल, ग्रील्ड या बेक्ड मछली (जैसे सैल्मन या मैकेरल) या टोफू करी की 1 सर्विंग, 1 मिश्रित सब्जी करी या स्टर-फ्राई, 1 छोटी कटोरी दही या रायता
10:00 रात सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी या दालचीनी (वैकल्पिक)

जीवनशैली परिवर्तन

फैटी लिवर का मतलब है लिवर में ज़रूरत से ज़्यादा वसा का जमा होना, और इस वसा को कम करने का सबसे असरदार तरीका है अपनी रोज़ाना की आदतों में सुधार।

  • अपने रोज़ के रूटीन में कम से कम 30 मिनट व्यायाम को दें। इसमें आप योग, वॉकिंग, जुंबा, इत्यादि कर सकते हैं।
  • शराब का सेवन बिल्कुल ना करें। इससे आपके फैटी लीवर की समस्या बढ़ जाएगी।
  • अगर आपका वजन समान्य से ज़्यादा है अर्थात आप मोटापे के शिकार हैं तो अपना वजन का करें।
  • ज़रूरी है कि आप कम से कम 7 से 8 घंटा सोएं।

कैलोरी सेवन

जब हम फैटी लीवर की बात करते हैं तो उसमें कैलोरी कंट्रोल बहुत ज़रूरी होता है। फैटी लिवर डाइट चार्ट इंडियन, आपको आपके खान पान में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। प्रतिदिन कैलोरी का सेवन नियंत्रित करने के लिए:

  • वसा और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थों से बचें।
  • ताजे फल, सब्जियां, और प्रोटीन आधारित आहार लें।
  • तले हुए और जंक फूड का सेवन कम करें।

लीवर के लिए फायदेमंद भोजन में सब, पपीता, अनार जैसे फल, पनीर, टोफू आदि जैसे प्रोटीन युक्त पदार्थ और सलाद के साथ साथ मल्टीग्रेन आटा और सब्ज़ी का सूप शामिल हैं।

फैटी लिवर कितने दिन में ठीक होता है?

फैटी लीवर कितने दिनों में ठीक होता है इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना परहेज़ कर रहे हैं। फैटी लिवर में क्या परहेज करना चाहिए, अगर इसकी जानकारी हो तो आप फैटी लीवर को रिवर्स कर सकते हैं। कई बार देखा गया है कि अगर आप खान-पान के साथ-साथ अपने जीवन शैली को सुधारते हैं तो आपकी ये समस्या 6 महीने से 1 साल के भीतर समाप्त हो जाएगी। पर इसके लिए ये भी ज़रूरी है की आप तले हुए खाने, ज़्यादा फैट वाले खाने और प्रोसेस्ड फूड से बचें, और साथ ही साथ व्यायाम करें।

फैटी लिवर की रोकथाम

फैटी लिवर को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:

  • संतुलित आहार: ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें।
  • व्यायाम: रोज़ाना 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
  • शराब से बचाव: अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।
  • शुगर और वसा का नियंत्रण: प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचें।

मुझे डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

अगर थकान लंबे समय तक बनी रहे, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द हो, अचानक वजन बढ़े या लिवर से जुड़े टेस्ट असामान्य आएं, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या अधिक शराब सेवन की आदत है, उन्हें बिना लक्षण के भी नियमित जांच करानी चाहिए। समय पर डॉक्टर से परामर्श लेने से फैटी लिवर को बढ़ने से रोका जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

फैटी लीवर से डरने की कोई बात नहीं है। इसे प्रतिवर्ती माना जाता है और अच्छे आहार और जीवनशैली में बदलाव से इसे ठीक किया जा सकता है। यदि आहार और व्यायाम किसी व्यक्ति के फैटी लीवर रोग के लक्षणों पर वांछित प्रभाव नहीं डाल रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलकर फैटी लिवर का इलाज शुरू कराना बेहतर रहता है।

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प्रायः पूछे जाने वाले सवाल

Q.1 कौन से फल फैटी लिवर के लिए लाभकारी हैं?

एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन से भरपूर फल जैसे जामुन, अंगूर और खट्टे फल इत्यादि फैटी लिवर के लिए लाभकारी हैं।

Q.2 क्या फैटी लिवर के रोगी को नट्स खाने चाहिए?

फैटी लीवर रोग से पीड़ित लोगों के लिए अपने आहार में नट्स को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

Q.3 क्या फैटी लिवर में मछली खाना सुरक्षित है?

मछलियाँ जैसे सैल्मन, ट्यूना और मैकेरल फैटी लीवर में आपको फायदा पहुंचा सकता है।

Q.4 क्या फैटी लिवर में चाय या कॉफ़ी पी सकते हैं?

फैटी लिवर के लिए चाय या कॉफी का कोई नुकसान नहीं है।

Q.5 फैटी लिवर में अनाज का सेवन कैसे करें?

भरपूर हरी सब्जियों के साथ साबुत अनाज खाएं।

Q.6 लिवर के लिए सुबह क्या पीना चाहिए?

सुबह गुनगुना पानी या नींबू पानी पीना लिवर की सफाई के लिए लाभदायक होता है। इसके अलावा, ग्रीन टी या डिटॉक्स ड्रिंक्स का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है।

Q.7 फैटी लिवर में चावल खाना चाहिए?

फैटी लिवर में चावल पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं, बस सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस चुनें। इसमें फाइबर ज़्यादा होता है और यह ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे लिवर पर चर्बी जमने का दबाव कम रहता है। सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लें।

Q.8 फैटी लिवर में क्या रोटी खानी चाहिए?

फैटी लिवर में गेहूं की सादी रोटी की जगह ज्वार, बाजरा या मल्टीग्रेन आटे की रोटी बेहतर रहती है। इनमें फाइबर ज़्यादा होता है और ये ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, जिससे लिवर पर चर्बी जमने का दबाव कम होता है। मैदा और सफेद ब्रेड से बनी चीज़ों से दूरी रखें। साथ में चावल लेना हो तो सफेद चावल की जगह सीमित मात्रा में ब्राउन राइस चुनें।

Q.9 क्या डिटॉक्स ड्रिंक लीवर साफ़ करते हैं?

डिटॉक्स ड्रिंक लिवर को “साफ़” नहीं करते, क्योंकि लिवर खुद ही शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स अंग है। हालांकि, पर्याप्त पानी पीना और नींबू पानी या हर्बल ड्रिंक जैसी हल्की चीज़ें शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती हैं। किसी भी डिटॉक्स ड्रिंक पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्वस्थ खान-पान और जीवनशैली अपनाना अधिक प्रभावी होता है।

Q.10 क्या फैटी लिवर में चाय पी सकते हैं?

फैटी लिवर में सीमित मात्रा में चाय पी जा सकती है, लेकिन बहुत अधिक कैफीन से बचना चाहिए। ग्रीन टी या हल्की हर्बल चाय बेहतर विकल्प मानी जाती हैं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। दूध और चीनी वाली ज्यादा चाय लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, इसलिए इन्हें कम करना बेहतर होता है।

Q.11 फैटी लिवर ग्रेड 2 क्या होता है?

फैटी लिवर ग्रेड 2 का मतलब है कि लिवर में चर्बी का जमाव मध्यम स्तर तक बढ़ चुका है। इस अवस्था में लक्षण दिखने लगते हैं और लिवर फंक्शन पर असर पड़ सकता है। अगर इस स्टेज पर सही खान-पान, वजन नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज किया जाए, तो लिवर को स्वस्थ स्थिति में वापस लाया जा सकता है।

Q.12 फैटी लिवर में अंडे खा सकते हैं?

हां, फैटी लिवर में अंडे सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसे उबालकर या कम तेल में बनाकर खाएं। तला हुआ अंडा, ऑमलेट में ज़्यादा मक्खन या पनीर डालना ठीक नहीं। कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो तो मात्रा डॉक्टर से तय कराएं।

Q.13 क्या intermittent fasting फैटी लिवर में फायदेमंद है?

इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ऐसा खानपान पैटर्न है जिसमें दिन के कुछ तय घंटों में ही भोजन किया जाता है और बाकी समय उपवास रखा जाता है, जैसे 16 घंटे उपवास और 8 घंटे के अंदर भोजन। इससे वजन घटता है और वजन घटाना फैटी लिवर में सबसे कारगर उपाय माना जाता है। पर यह सिर्फ इसलिए काम करती है क्योंकि इससे कुल कैलोरी कम होती है, किसी जादुई असर की वजह से नहीं। डायबिटीज, गर्भावस्था या किसी दवा पर हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के फास्टिंग शुरू न करें।

Q.14 फैटी लिवर में शहद या गुड़ खा सकते हैं?

शहद और गुड़ दोनों प्राकृतिक ज़रूर हैं, पर हैं चीनी ही। फैटी लिवर में अतिरिक्त शक्कर लिवर में चर्बी बढ़ाती है, इसलिए इन्हें "हेल्दी विकल्प" मानकर खुलकर खाना ठीक नहीं। चाय या दूध में चीनी की जगह थोड़ा गुड़ लेना चल सकता है, पर मात्रा दिनभर में एक-दो चम्मच से ज़्यादा न हो।

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