पेशाब में जलन होना, बार-बार बाथरूम जाना, पेशाब में बदबू आना - शर्मिंदगी और हताशा की भावना - यूरिन इन्फेक्शन कुछ ऐसा ही मनोबल गिराने वाला अनुभव हो सकता है। बार बार यूरिन इन्फेक्शन होना कई लोगों के लिए एक आम परेशानी बन चुका है। क्या आप परेशानी के इस चक्र से मुक्त हो सकते हैं?
सरल लेकिन प्रभावी ढंग से खाने में बदलाव करके, आप यूटीआई के दर्द और परेशानी को कम कर सकते हैं, यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम को कम कर सकते हैं और अपना आत्मविश्वास वापस पा सकते हैं। इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि यूरिन इन्फेक्शन कैसे होता है, बार-बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है, यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए, और क्या है यूरिन इन्फेक्शन का स्थायी समाधान?
यूरिन इन्फेक्शन कैसे होता है?
यूरिन इन्फेक्शन जिसे मेडिकल भाषा में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) भी कहा जाता है, यह एक ऐसी सामान्य स्थिति है जो हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। इसमें व्यक्ति को मूत्रमार्ग में संक्रमण होता है, जो कि बैक्टीरिया की वजह से होता है। रिसर्च की मानें तो महिलाओं को यूरिन इन्फेक्शन का खतरा पुरुषों से अधिक होता है।
यूरिन इन्फेक्शन कई कारणों की वजह से हो सकता है, जैसे कि
- एस्चेरीचिया कोली (E.Coli) नामक बैक्टीरिया से यूरिन इन्फेक्शन होता है
- सेक्स के कारण महिलाओं को यूटीआई हो सकता है
- असुरक्षित सेक्स
- गर्भनिरोधक दवाइयां
- गर्भावस्था (pregnancy)
- मूत्रमार्ग में रुकावट
- किडनी स्टोन
- डायबिटीज
- टैम्पोन का उपयोग
- बहुत अधिक सेक्स या कई पार्टनर के साथ सेक्स करना
- मूत्राशय का खाली न होना
- पेशाब की नली में घाव
- एंटीबायोटिक दवाएं
- राजोनिवृति
यूरिन इन्फेक्शन के 9 लक्षण
यूरिन इन्फेक्शन की पहचान इन लक्षणों से की जा सकती है,
- बार-बार यूरिन आना
- यूरिन के दौरान हल्की जलन या दर्द
- पेशाब जैसा महसूस होना
- कई बार यूरिन के दौरान खून आना
- पेशाब में पीलापन
- अधिक यूरिन या कम यूरिन होना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन होना
- ब्लैडर के आस-पास दर्द या प्रेशर
- आधी नींद में पेशाब के लिए जगना
महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन के 10 लक्षण
महिलाओं में कुछ लक्षण जो यूरिन इन्फेक्शन के संकेत दे सकते हैं -
- योनि में जलन और दर्द
- सेक्स के दौरान दर्द
- योनि से डिस्चार्ज में बदलाव
- पेशाब में खून आना (पीरियड्स के अलावा)
- एब्डॉमिनल पेन
- पेशाब में जलन या दर्द
- पेशाब में दिक्कत
- बार-बार पेशाब की इच्छा महसूस होना
- बुखार या ठंड
- उल्टी, मतली या जी मचलना
पुरुषों में यूरिन इन्फेक्शन के 5 लक्षण
पुरुषों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण कुछ इस प्रकार है,
- स्खलन (ejaculation) के वक्त दर्द
- स्तंभन दोष (erectile dysfunction)
- अंडकोष में दर्द
- पेशाब के एरिया में दर्द, जलन या खुजली
- पेशाब के वक्त दर्द या जलन
बार-बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है?
यूरिन इन्फेक्शन यानि यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्र पथ में प्रवेश करते हैं, जिससे संक्रमण होता है। इसे मूत्र पथ का संक्रमण भी कहते हैं। प्रमुख हानिकारक बैक्टीरिया में एस्चेरिचिया कोली (ई. कोली), स्टैफिलोकोकस, सैप्रोफाइटिकस और क्लेबसिएला निमोनिया शामिल हैं।
बार-बार होने वाले यूरिन इन्फेक्शन विभिन्न कारकों से शुरू हो सकते हैं, जैसे:
- लंबे समय तक पेशाब रोकना
- पेशाब के बाद जननांग को अच्छे से साफ नहीं करना
- कुछ जन्म नियंत्रण विधियों का उपयोग करना
- यूटीआई का पारिवारिक इतिहास होना
- कमजोर प्रतिरक्षण प्रणाली
- खान-पान संबंधी अनियमितताएं
जिन लोगों को बार बार यूरिन इन्फेक्शन होता है, उनमें मूत्र असंयम के साथ अंतर्निहित समस्याएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, बुजुर्गों में शारीरिक शिथिलता के कारण मूत्राशय खाली करने में समय लग सकता है और यूरिन इन्फेक्शन बार-बार होने का खतरा रहता है। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए Friends एडल्ट डायपर्स काफी कारगर है। ये अलग-अलग वेरिएन्ट्स में मौजूद हैं और 16+ घंटों तक ड्राई रखने में सक्षम हैं। बार बार पेशाब आना समस्या का विषय हो सकता है, इसके बारे में और जानें।
यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए? (urine infection me kya nahi khana chahiye)
अक्सर यूरिन इन्फेक्शन की शुरुआती लक्षणों में पेशाब में जलन की समस्या आम तौर पर देखती है। इस समस्या का शुरू में ही समाधान आगे आने वाली परेशानियों को कम कर सकता है। इसलिए यह जानने के साथ कि यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए (uti me kya nahi khana chahiye), यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि पेशाब में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए।
तो चाहे पेशाब में जलन हो या यूरिन इन्फेक्शन, उन खाद्य पदार्थों से बचना आवश्यक है जो मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं, लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, या उपचार प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
आइए जानते है कि पेशाब में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए और क्यों? तो इन कुछ आहारों से परहेज करना चाहिए:

1. मसालेदार और तले हुए भोजन:
यूं तो मसालेदार खाना और तला हुआ भोजन बहुत से लोगों को पसंद होता है, पर यूरिन इन्फेक्शन के दौरान इसके सेवन से आप और बीमार पड़ सकते हैं। ये पेशाब वाले एरिया में जलन और दर्द पैदा कर सकता है।
2. कैफीन:
कॉफी, चाय और चॉकलेट को सीमित करें या उनसे बचें, क्योंकि वे मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं और मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं।
3. अम्लीय खाद्य पदार्थ (सिट्रिक फ्रूट्स):
संतरा, नींबू, मौसंबी और अंगूर जैसे खट्टे फलों के साथ टमाटर और सिरका आधारित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। इनमें एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो मूत्र को अम्लीय बनाकर यूरिन ट्रैक में जलन बढ़ा सकती है और इन्फेक्शन के इलाज के दौरान स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
4. प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ:
प्रोसेस्ड फूड्स, हाई शुगर पैकेज्ड ब्रेकफास्ट, अधिक नमक वाले और प्रीज़र्वटिव वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
5. कृत्रिम मिठास:
कुछ कृत्रिम मिठास वाले प्रोडक्ट भी मूत्राशय में जलन पैदा कर सकते हैं और इन्फेक्शन को और अधिक बढ़ा सकते हैं।
6. शराब:
शराब से परहेज़ करें, क्योंकि यह मूत्राशय की दीवारों में जलन पैदा करती है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बढ़ाकर संक्रमण को और गंभीर बना सकती है।
7. तंबाकू और धूम्रपान:
तंबाकू व धूम्रपान से दूरी बनाएं, क्योंकि ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को कमज़ोर करते हैं, जिससे शरीर की बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता घट जाती है।
8. अत्यधिक नमक वाला भोजन:
ज़्यादा नमक वाले भोजन को सीमित करें, क्योंकि यह किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है और पेशाब के दौरान होने वाली जलन को बढ़ा सकता है।
9. सोडा ड्रिंक्स
सोडा ड्रिंक्स में कार्बन डाइऑक्साइड को पानी में मिलाया जाता है। ये सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है और यूरिन इन्फेक्शन की स्थिति को और अधिक खराब कर सकता है।
10. अधिक मीठा भोजन
अधिक मात्रा में मीठे का सेवन या मीठा भोजन आपके यूरिन इन्फेक्शन को ट्रिगर कर सकता है। यूरिन इन्फेक्शन के दौरान ज्यादा मीठे भोजन का सेवन ना करें।
यूरिन इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए?
यूरिन इन्फेक्शन मूत्र मार्ग के किसी भी हिस्से, यानी किडनी, मूत्राशय या मूत्रमार्ग में होने वाला बैक्टीरियल संक्रमण है। दवा के साथ-साथ सही खान-पान इस संक्रमण से जल्दी उभरने और बार-बार होने वाले इन्फेक्शन को रोकने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि पेशाब में जलन होने पर क्या खाना चाहिए?
1. इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ:
यूरिन इन्फेक्शन उन लोगों में ज़्यादा देखा जाता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है। रोज़ के खाने में विटामिन A, C, D, E, ज़िंक और एंटीऑक्सिडेंट शामिल करें। इसके लिए नट्स, बीज, मौसमी फल-सब्जियां और हल्दी, लौंग व काली मिर्च जैसे मसाले अच्छे विकल्प हैं।
2. ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थ:
वसायुक्त मछली, अलसी के बीज और अखरोट सूजन को कम करने और और इम्युनिटी को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर बैक्टीरिया से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
3. लहसुन:
लहसुन में मौजूद एलिसिन एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है, जो यूरिन इन्फेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया पर असर करता है। इसे कच्चा, कुचलकर या चटनी के रूप में खाने में शामिल करें।
4. अधिक पानी पिएं
पानी मूत्र मार्ग से बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। यूरिन इन्फेक्शन में राहत पाने के लिए दिनभर में करीब 10 से 12 गिलास पानी पिएं। सादा पानी न पिया जाए तो सूप, डिटॉक्स वॉटर या ताज़ा जूस लिया जा सकता है।
5. क्रैनबेरी जूस
बाथरूम में जलन के उपाय के लिए आप क्रैनबेरी जूस का सेवन करें। इसमें पॉलीफेनॉल और विटामिन C जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। पैकेज्ड और मीठे जूस की जगह बिना चीनी वाला क्रैनबेरी जूस चुनें।
6. दही
दही में प्रोबायोटिक्स होता है जो पेशाब में जलन उपाय की तरह काम करता है। यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है और एंटीबायोटिक कोर्स के बाद पाचन को भी संभालता है।
7. नारियल पानी
नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है, जिससे मूत्र त्याग में मदद मिलती है और पेशाब के वक्त जलन नहीं होती।
8. फल और सब्जियां
पालक, मेथी, लौकी और तोरई जैसी सब्जियां और कीवी, अनार, केला व पपीता जैसे फल शरीर को ज़रूरी पोषण देते हैं, जिससे इन्फेक्शन से उभरना आसान होता है। पर याद रखें, सिट्रिक फ्रूट्स का सेवन ना करें।
यूरिन इन्फेक्शन में 3-दिन का डाइट प्लान
नीचे दिया गया प्लान इम्युनिटी, हाइड्रेशन और प्रोबायोटिक्स तीनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हर दिन का खाना हल्का, घर का बना और कम मसालेदार रखा गया है, ताकि मूत्राशय पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
| भोजन | दिन 1 | दिन 2 | दिन 3 |
|---|---|---|---|
| सुबह खाली पेट | गुनगुना पानी + 5-6 बादाम और 2-3 भीगे अखरोट | गुनगुना पानी + बिना चीनी वाला क्रैनबेरी जूस | गुनगुना पानी + 5-6 बादाम |
| नाश्ता | मूंग दाल चीला (2) + पुदीने की चटनी | वेजिटेबल ओट्स उपमा + दही | मटर वाला पोहा + छाछ |
| दिन का नाश्ता | पपीते की स्मूदी | मौसमी फल (कीवी, अनार, केला) | भुने चने + खीरे के टुकड़े |
| दिन का खाना | पालक कढ़ी + 2 रोटी + हरा सलाद | बाजरे की रोटी + लौकी की दाल + दही | ब्राउन राइस + मूंग दाल तड़का (तड़के में कच्चा लहसुन) + सलाद |
| शाम | सब्जियों का सूप | पुदीना-तुलसी की चाय | सब्जियों का सूप |
| रात का खाना | मूंग दाल और सब्जियों की खिचड़ी + दही | मटर पुलाव + लौकी की सब्जी | ज्वार की रोटी + पनीर की हल्की सब्जी + रायता |
| सोने से पहले | एक गिलास दूध | एक गिलास दूध | एक गिलास दूध |
तीनों दिन के लिए बुनियादी नियम
- दिनभर में करीब 8 से 12 गिलास तरल लें। इसमें पानी, छाछ, नारियल पानी और सूप शामिल हैं।
- खाना भाप में, उबालकर या हल्के तड़के के साथ बनाएं। तली-भुनी और ज़्यादा मसालेदार चीज़ों से दूर रहें।
- हल्दी, जीरा, धनिया और काली मिर्च जैसे नरम मसाले इस्तेमाल करें, लाल मिर्च और गरम मसाला कम रखें।
- एक साथ ज़्यादा खाने की जगह थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाएं और पेशाब आने पर रोकें नहीं।
नोट: यह सामान्य सुझाव है।, अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
आपने जाना कि बार-बार यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है? यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए पेशाब में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए, और यूरिन में प्रोटीन आने पर क्या खाना चाहिए? ये सभी समस्याएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए जब आप इनके समाधान की तरफ बढ़ते हैं, तो अपने आप समस्याएं सुलझने लगती हैं। यानी कि आहार में सकारात्मक बदलाव अधिकांश यूरिन समस्याओं को कम करने में सहायक है।
शुरुआत से ही बेहतर खान-पान रखने से यूरिन इन्फेक्शन का जोखिम काफी कम हो जाता है। यूरिन इन्फेक्शन को रोकने और रिसाव आदि समस्याओं से निपटने के लिए Friends एडल्ट डायपर्स अपनाएं। ये लीक रैशेस और पेशाब को आपके कपड़ो में जाने से रोकता है। इसके इस्तेमाल से आप बेफिक्र होकर अपने इलाज और ठीक होने पर ध्यान दे सकते हैं। इसके अलावा, कोई भी दिक्कत महसूस होने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर यूरिन इन्फेक्शन का इलाज समय पर शुरू करें।
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FAQs
क्या यूरिन इन्फेक्शन के लिए गुड़ अच्छा है?
गुड़ मूत्र उत्पादन को बढ़ाकर और बैक्टीरिया के विकास के जोखिम को कम करके यूरिन इन्फेक्शन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। हालाँकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।
यूरिन इन्फेक्शन में कौन सा फल अच्छा है?
यूरिन इन्फेक्शन की रोकथाम और उपचार के लिए अक्सर क्रैनबेरी यानी करौंदा के फल का जूस पीने की सलाह दी जाती है। करौंदा में ऐसे यौगिक होते हैं जो बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों पर चिपकने से रोकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
कौन सी खाने-पीने की चीज़ें मूत्राशय में जलन पैदा कर सकती हैं?
मूत्राशय में जलन पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों में मसालेदार भोजन, खट्टे फल, कैफीन और कृत्रिम मिठास शामिल हैं। ये खाद्य पदार्थ यूटीआई के लक्षणों को खराब कर सकते हैं, मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं और उपचार प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
यूरिन इन्फेक्शन में दही खा सकते हैं क्या?
दही यूरिन इन्फेक्शन के दौरान फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंत के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। हालाँकि, यूरिन इन्फेक्शन के दौरान सादा और बिना मिठास वाला दही चुनें।
बाथरूम में जलन के उपाय?
पेशाब में जलन उपाय के लिए आप नारियल पानी, दही, क्रैनबेरी जूस, करौंदे के जूस, सेब के सिरके, आंवला जूस, इत्यादि का सेवन कर सकते हैं।
पेशाब में संक्रमण (UTI) क्या होता है?
पेशाब का संक्रमण, जिसे डॉक्टरी भाषा में यूरिन इन्फेक्शन या UTI कहा जाता है, मूत्र मार्ग यानी मूत्राशय, मूत्रनली या किडनी में होने वाला संक्रमण है। ज़्यादातर मामलों में इसकी वजह बैक्टीरिया होते हैं। पेशाब के दौरान दर्द या जलन इसका सबसे आम लक्षण है।
यूरिन इन्फेक्शन में चावल खा सकते हैं?
हां, यूरिन इन्फेक्शन में चावल खाया जा सकता है। सादा चावल पचने में हल्का होता है और मूत्राशय में जलन नहीं बढ़ाता। खिचड़ी या दाल-चावल के रूप में इसे खाने में शामिल करना बेहतर रहता है। बस तला-भुना, ज़्यादा मसालेदार या फ्राइड राइस जैसे विकल्पों से दूरी रखें।
यूरिन इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक होता है?
यूरिन इन्फेक्शन का इलाज शुरू करने के 2 से 3 दिन में आराम मिलने लगता है और आमतौर पर 5 से 7 दिन के कोर्स में ठीक हो जाता है। किडनी तक पहुंचा संक्रमण हो तो इलाज लंबा चल सकता है। लक्षण कम होने पर भी डॉक्टर का बताया पूरा कोर्स लेना ज़रूरी है।
UTI में अंडे खाना सही है?
हां, UTI में अंडे खाना सुरक्षित माना जाता है। अंडा लीन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहारा देता है, जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। इसे उबालकर या हल्के तेल में बनाकर खाएं। ज़्यादा मसाले और तेल वाली रेसिपी से बचें।
यूरिन इन्फेक्शन में नींबू पानी पी सकते हैं?
यूरिन इन्फेक्शन के दौरान नींबू पानी से बचना बेहतर है। नींबू सिट्रिक फ्रूट है और मूत्र को अम्लीय बनाकर मूत्राशय की जलन बढ़ा सकता है। हाइड्रेशन के लिए सादा पानी, नारियल पानी, छाछ या बिना चीनी वाला क्रैनबेरी जूस ज़्यादा सुरक्षित विकल्प हैं।